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ग्राम संसदGram Sansadरैंडम वेरिएबल फ़ाउंडेशन की एक पहल
सतत विकास लक्ष्यों का स्थानीयकरण

बेहतर गाँव के 9 विषय

पंचायती राज मंत्रालय ने सतत विकास लक्ष्यों के लिए विषय-आधारित दृष्टिकोण अपनाने की सलाह दी है और पंचायतों के ज़रिए केंद्रित काम के लिए 9 विषय तय किए हैं।

विषय 1

गरीबी मुक्त और उन्नत आजीविका पंचायत

गरीबी गरीब लोगों की वजह से नहीं होती; यह तब पैदा होती है जब हम लोगों की क्षमताओं को सहारा नहीं दे पाते।

गरीबी-मुक्त पंचायत सबको सामाजिक सुरक्षा देती है ताकि कोई दोबारा गरीबी में न लौटे। यह ऐसा गाँव है जहाँ विकास और समृद्धि हो और सबके पास आजीविका हो।

गरीबी और बेरोज़गारी आपस में जुड़ी हैं, इसलिए ठोस योजना चाहिए: लोगों में निवेश करें, गरीब परिवारों की आमदनी बढ़ाने के रास्ते खोलें और उनकी सामाजिक सुरक्षा पक्की करें।

हर पंचायत के लक्ष्य

  1. 1100% पात्र लाभार्थियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ना।
  2. 2रोज़गार गारंटी योजना में 100% पात्र आवेदकों को जॉब कार्ड, और सक्रिय जॉब कार्ड धारकों को लगातार काम।
  3. 3100% परिवार PDS में जुड़े हों और सभी को उनके हक़ का राशन कार्ड मिले।
  4. 4100% पात्र नागरिकों के आयुष्मान भारत कार्ड बनें।
  5. 5SHG और किसान समूहों के 100% सदस्य सामूहिक या व्यक्तिगत उद्यम योजनाओं से जुड़ें।
  6. 6100% किसानों का केंद्र और राज्य के पोर्टलों पर पंजीकरण, ताकि उन्हें पीएम-किसान जैसी योजनाओं का लाभ मिले।
  7. 7नागरिक अधिकार पत्र (सिटीज़न चार्टर) के अनुसार 100% सेवाएँ मिलें।
पंचायत क्या सुनिश्चित करे (8)
  • गाँव के वंचित और हाशिये पर रहने वाले परिवारों की पहचान करें और उन्हें पात्र केंद्र व राज्य योजनाओं में प्राथमिकता दें।
  • गाँव के महिला समूहों द्वारा बनाई गई ग्राम गरीबी उन्मूलन योजना में शामिल आजीविका और सामाजिक सुरक्षा के हक़ लागू करें।
  • कुशल और अकुशल श्रमिकों का पंजीकरण।
  • वार्ड सभा और महिला सभा करके उन लोगों की पहचान करें जो कौशल प्रशिक्षण लेना चाहते हैं।
  • गरीब और कमज़ोर लोगों को साल भर रियायती दर पर पर्याप्त राशन मिले।
  • ज़िला कौशल केंद्र के माध्यम से कौशल मैपिंग और प्रशिक्षण शिविर।
  • किसानों की आमदनी और उत्पादकता बढ़ाने के लिए कृषि संस्थानों और विभागों से तालमेल।
  • योजना बनाते समय ही GPDP की राशि और कार्यक्रमों का अभिसरण (कन्वर्जेंस)।
पंचायत किन समूहों को सशक्त करे (4)
  • महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) और उनके संघ
  • किसान उत्पादक समूह
  • बैंक मित्र (बैंक कॉरेस्पोंडेंट) और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)
  • गाँव स्तर के सामुदायिक संसाधन व्यक्ति, जैसे बैंक सखी, पशु सखी और कृषि मित्र

जुड़े हुए SDG

  • SDG 1
  • SDG 2
  • SDG 3
  • SDG 4
  • SDG 5
  • SDG 6
  • SDG 7
  • SDG 8
  • SDG 10
  • SDG 11
  • SDG 13
  • SDG 15

पंचायत स्तर की योजनाएँ और संसाधन

  • VB-G RAM G (पहले मनरेगा)
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
  • प्रधानमंत्री आजीविका योजना
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम
  • कौशल विकास योजनाएँ
  • प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)
  • प्रधानमंत्री रोज़गार प्रोत्साहन योजना
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
  • प्रधानमंत्री जन धन योजना
  • बाज़ार हस्तक्षेप योजना और मूल्य समर्थन योजना

विषय 2

स्वस्थ पंचायत

स्वास्थ्य का मतलब है शरीर, मन और आत्मा का पूरी तरह स्वस्थ होना। हर उम्र में हर व्यक्ति का अच्छा स्वास्थ्य ही स्वस्थ गाँव की पहचान है।

संविधान की 11वीं अनुसूची में पंचायतों को दिए गए 29 विषयों में स्वास्थ्य भी है। ग्राम पंचायत अच्छी स्वास्थ्य सेवाएँ, सबका टीकाकरण और सस्ती दवाएँ पक्की कर सकती है, ताकि माँ, नवजात और बच्चों की मौतें घटें और भूख व कुपोषण ख़त्म हो। गर्भवती महिलाओं और किशोरियों का ख़ास ध्यान रखना ज़रूरी है।

हर पंचायत के लक्ष्य

  1. 1100% गर्भवती महिलाओं का पहली तिमाही में ही आंगनवाड़ी केंद्र पर पंजीकरण।
  2. 22 से 5 साल के 100% बच्चों का आंगनवाड़ी में नामांकन और सभी बच्चों के वज़न की निगरानी।
  3. 3100% पात्र घरों में शौचालय बनें और उनका उपयोग हो।
  4. 4100% संस्थागत प्रसव (अस्पताल में डिलीवरी)।
  5. 5100% बच्चों का पूर्ण टीकाकरण।
  6. 6100% गर्भवती महिलाओं की चार ANC जाँचें।
  7. 7गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और 6 माह से 6 साल तक के बच्चों को 100% पोषण आहार।
पंचायत क्या सुनिश्चित करे (10)
  • नियमित VHND (ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस) और अच्छी सेवाएँ
  • बाल विवाह पर पूरी रोक
  • लिंग आधारित गर्भपात बिल्कुल नहीं
  • स्कूलों में पौष्टिक मध्याह्न भोजन
  • आपात स्थिति की तैयारी (एम्बुलेंस, हेल्पलाइन आदि)
  • साफ़ और सुरक्षित पेयजल, और कचरा प्रबंधन
  • संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के उपाय
  • PHC, CHC और आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) में टेलीमेडिसिन सुविधा
  • जानवर के काटने और अन्य दुर्घटनाओं में आपात इलाज
  • दिव्यांगता की जल्दी पहचान और प्रबंधन
पंचायत किन बातों की निगरानी करे (3)
  • कुपोषित महिलाओं और बच्चों के पोषण स्तर में सुधार।
  • मलेरिया और पानी से फैलने वाली अन्य बीमारियों से बचाव के लिए साफ़-सफ़ाई।
  • गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों का समय पर टीकाकरण।
पंचायत किन बातों को बढ़ावा दे (8)
  • जन्म के एक घंटे के भीतर स्तनपान, और पहले 6 महीने सिर्फ़ माँ का दूध
  • 6 महीने के बाद सभी बच्चों को स्तनपान के साथ घर का पौष्टिक खाना
  • घरों में पौष्टिक, सस्ते और स्थानीय अनाज व सब्ज़ियों का उपयोग
  • ताज़े फल-सब्ज़ी के लिए घर और स्कूल में किचन गार्डन (पोषण वाटिका)
  • SHG, VHND और अन्य मंचों के ज़रिए साफ़-सफ़ाई और महामारी प्रबंधन
  • परिवार का हर सदस्य हर बार शौचालय का उपयोग करे
  • छोटा परिवार और परिवार नियोजन
  • मानसिक स्वास्थ्य और रेफ़रल सेवाओं के बारे में जागरूकता

जुड़े हुए SDG

  • SDG 2
  • SDG 3

पंचायत स्तर की योजनाएँ और संसाधन

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
  • सघन मिशन इंद्रधनुष
  • पोषण अभियान
  • आयुष्मान भारत
  • राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम
  • एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (ICDS)
  • स्वच्छ भारत मिशन
  • राष्ट्रीय क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम
  • राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम
  • जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम

विषय 3

बाल हितैषी पंचायत

हर बच्चे को बड़े होने तक जीवन, विकास, सुरक्षा और भागीदारी का अधिकार मिलना चाहिए। बाल अधिकारों के बिना सतत विकास लक्ष्य (SDG) पूरे नहीं हो सकते।

बाल-हितैषी बनने के लिए ग्राम पंचायत को बचपन के हर पड़ाव पर बच्चों की ज़रूरतें और अपने क्षेत्र में बच्चों से जुड़े मुख्य मुद्दे अच्छी तरह समझने होंगे।

सबसे वंचित बच्चे, जैसे SC/ST, घुमंतू और अल्पसंख्यक परिवारों के बच्चे, विशेष ज़रूरतों वाले, अनाथ या एक अभिभावक वाले, या क़ानून के संपर्क में आए बच्चे, अक्सर आंगनवाड़ी और स्कूल से छूट जाते हैं। इन्हें ख़ास देखभाल चाहिए।

हर पंचायत के लक्ष्य

  1. 1आंगनवाड़ी में 100% गर्भधारण और जन्म का पंजीकरण।
  2. 2100% टीकाकरण।
  3. 3100% पहचान पत्र / आधार नामांकन।
  4. 4100% संस्थागत प्रसव।
  5. 5100% बच्चों का आंगनवाड़ी / नर्सरी में नामांकन।
  6. 6सभी बच्चों को 100% प्राथमिक शिक्षा।
  7. 7बाल श्रम, बाल विवाह, बाल यौन शोषण और बच्चों की तस्करी पर 100% रोक।
  8. 8100% VHND का नियमित आयोजन।
हर बच्चे की चार ज़रूरतें (4)
  • जीवन (उत्तरजीविता)
  • विकास
  • सुरक्षा
  • भागीदारी
पंचायत क्या सुनिश्चित करे (8)
  • आंगनवाड़ी और स्कूलों में पानी और शौचालय की सुविधा
  • बाल सभा का गठन
  • अच्छा और पौष्टिक भोजन
  • गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
  • सुरक्षित पेयजल और हाथ धोने की जगह
  • पोषण वाटिका बनाना
  • जोखिम या संकट में फँसे बच्चों की भागीदारी
  • कमज़ोर वर्गों के छात्रों को पढ़ाई में मदद और प्रशिक्षण सहायता
इन समितियों और कार्यकर्ताओं को मज़बूत करें (8)
  • शिक्षा समिति
  • विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC)
  • अभिभावक-शिक्षक संघ
  • ग्राम बाल संरक्षण समिति
  • ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (VHSNC)
  • आशा, ANM और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
  • प्रधानाध्यापक
  • ग्राम संगठन की उप-समितियाँ

जुड़े हुए SDG

  • SDG 1
  • SDG 2
  • SDG 3
  • SDG 4
  • SDG 5

पंचायत स्तर की योजनाएँ और संसाधन

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
  • पीएम पोषण (पहले मध्याह्न भोजन योजना)
  • पोषण अभियान
  • आयुष्मान भारत
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
  • एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (ICDS)
  • समग्र शिक्षा
  • मिशन वात्सल्य (पहले एकीकृत बाल संरक्षण योजना)
  • चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
  • खेलो इंडिया
  • केंद्रीय वित्त आयोग अनुदान
  • फ़िट इंडिया मूवमेंट
  • राज्य वित्त आयोग अनुदान
  • VB-G RAM G (पहले मनरेगा)
  • स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम
  • सुकन्या समृद्धि योजना

विषय 4

जल पर्याप्त पंचायत

जल सुख, ऊर्जा, स्वास्थ्य और पवित्रता का स्रोत है, और माँ की तरह जीवन देता है।

जल-पर्याप्त गाँव में हर घर में चालू नल कनेक्शन हो, तय मानक का साफ़ पानी मिले, पानी का अच्छा प्रबंधन हो, खेती की ज़रूरतें पूरी हों और जल स्रोतों की रक्षा हो।

पीने और खाना बनाने से लेकर पशुओं और फ़सलों तक, हर काम के लिए पर्याप्त साफ़ पानी सबका जीवन बेहतर बनाता है। पानी का समझदारी से उपयोग और संरक्षण हमारी दुनिया को सुरक्षित रखता है।

हर पंचायत के लक्ष्य

  1. 1100% घरों तक नल से साफ़ पानी।
  2. 2100% संस्थानों (आंगनवाड़ी, उप-स्वास्थ्य केंद्र, पंचायत भवन, स्कूल आदि) में नल से सुरक्षित पेयजल।
  3. 3100% घरों में सोख्ता गड्ढा, किचन गार्डन या इस्तेमाल हुए पानी के प्रबंधन की दूसरी व्यवस्था।
  4. 4100% सार्वजनिक जल स्रोतों के पानी की साल में कम से कम दो बार जाँच।
  5. 5100% जल स्रोतों में लंबे समय तक पानी की उपलब्धता बनी रहे।
पंचायत क्या सुनिश्चित करे (5)
  • जल स्रोतों की सुरक्षा और पानी की गुणवत्ता की निगरानी
  • सूक्ष्म सिंचाई के तरीके (ड्रिप, स्प्रिंकलर)
  • GPDP के तहत वाटरशेड प्रबंधन और सुधार के लिए समुदाय का श्रमदान
  • रिसाव, टूटे नल, पाइप, पानी की टंकी और सप्लाई लाइन की तुरंत मरम्मत या बदलाव
  • जल स्रोतों और पानी के केंद्रों के आसपास सभी नालियों की सफ़ाई
योजनाओं का संचालन और निगरानी (6)
  • जल स्रोतों के संरक्षण के लिए VWSC (ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति) की निगरानी, और जल उपभोक्ता समूहों द्वारा सामुदायिक फ़ॉलो-अप
  • जल निकासी व्यवस्था का नियंत्रण
  • पानी वितरण नेटवर्क और उसका संचालन
  • भूजल रिचार्ज की योजनाएँ
  • मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और नमी बचाने के प्रयास
  • गाँव स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था
पंचायत किन बातों को बढ़ावा दे (7)
  • घरों, संस्थानों और खेतों में वर्षा जल संचयन
  • लोगों और संस्थानों द्वारा पानी का समझदारी से उपयोग
  • भूजल रिचार्ज
  • खेती में पानी बचाने वाली तकनीकें (ड्रिप सिंचाई, मिट्टी की नमी का संरक्षण)
  • पानी का संयुक्त उपयोग: अलग-अलग कामों के लिए अलग-अलग स्रोत, और सिंचाई में कम से कम पानी
  • पौधारोपण
  • पानी उपभोक्ताओं से नियमित शुल्क वसूली

जुड़े हुए SDG

  • SDG 6
  • SDG 15

पंचायत स्तर की योजनाएँ और संसाधन

  • जल जीवन मिशन
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
  • जल संसाधन सूचना प्रणाली का विकास
  • स्वच्छ भारत मिशन
  • भूजल प्रबंधन और विनियमन
  • राष्ट्रीय जल मिशन
  • राष्ट्रीय जल विज्ञान परियोजना
  • महिलाओं के संरक्षण और सशक्तिकरण का मिशन
  • नदी बेसिन प्रबंधन
  • राष्ट्रीय नदी संरक्षण कार्यक्रम
  • बाढ़ प्रबंधन और सीमा क्षेत्र कार्यक्रम
  • VB-G RAM G (पहले मनरेगा)

विषय 5

स्वच्छ और हरित पंचायत

आइए अपने बच्चों के भविष्य के लिए ऐसी ग्राम पंचायत बनाएँ जो प्रकृति और हरियाली से भरी हो, जहाँ अक्षय ऊर्जा का उपयोग हो, साफ़ और सुरक्षित वातावरण हो और जलवायु संतुलित रहे।

स्वच्छ और हरित पंचायत सतत विकास की नींव है। SDG प्राकृतिक संसाधनों, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता, पारिस्थितिकी तंत्र और कचरे के प्रबंधन से पर्यावरण की रक्षा का संकल्प लेते हैं, और इस काम में पंचायत की सीधी भूमिका है।

हर पंचायत के लक्ष्य

  1. 1खुले में शौच पर 100% रोक, और परिवार का हर सदस्य हर बार शौचालय का उपयोग करे।
  2. 2100% घरों में साफ़, प्रदूषण-रहित ईंधन का उपयोग।
  3. 3पंचायत और उसके आसपास सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर 100% रोक।
  4. 4100% सार्वजनिक संस्थानों (आंगनवाड़ी, स्कूल, पंचायत भवन, स्वास्थ्य केंद्र) में शौचालय।
  5. 5पौधारोपण अभियान में लगाए गए 100% पेड़ों की देखभाल।
  6. 6घरों, सार्वजनिक जगहों और संस्थानों में 100% कूड़ेदान का उपयोग।
पंचायत क्या सुनिश्चित करे (6)
  • पेड़ों की अवैध कटाई और जंगल कटने पर पूरी रोक।
  • कंपनियों और फ़ैक्ट्रियों द्वारा गंदा पानी छोड़ने पर रोक।
  • ढलानों, बंजर ज़मीन, अन्य सामुदायिक ज़मीन और सड़कों के किनारे स्थानीय पौधे लगाना।
  • लोक जैव विविधता रजिस्टर तैयार करना।
  • प्रदूषण नियंत्रण और स्वच्छता सेवाएँ।
  • कचरा प्रबंधन।
पंचायत किन समूहों को सशक्त करे (5)
  • ग्राम संगठन की उप-समिति
  • ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC)
  • ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति (VHSNC)
  • जल उपभोक्ता समूह
  • विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC)
पंचायत किन बातों को बढ़ावा दे (8)
  • पौधारोपण और सामाजिक वानिकी से ज़्यादा हरियाली
  • सभी घरों और संस्थानों में ठोस और तरल कचरे का प्रभावी प्रबंधन
  • सौर ऊर्जा का उपयोग
  • बायोगैस का उपयोग
  • स्थानीय छोटे जल-विद्युत संसाधन स्थापित करना
  • सामुदायिक तालाबों में मछली पालन
  • कचरे को अलग-अलग करना (गीला-सूखा)
  • सूक्ष्म सिंचाई के लिए कम बिजली वाले सोलर पंप

जुड़े हुए SDG

  • SDG 6
  • SDG 7
  • SDG 12
  • SDG 13
  • SDG 14
  • SDG 15

पंचायत स्तर की योजनाएँ और संसाधन

  • राष्ट्रीय नदी संरक्षण कार्यक्रम
  • पीएम-कुसुम
  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
  • राष्ट्रीय बायोगैस और खाद प्रबंधन कार्यक्रम
  • VB-G RAM G (पहले मनरेगा)
  • हरित भारत मिशन
  • दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
  • केंद्रीय वित्त आयोग अनुदान
  • स्वच्छ भारत मिशन
  • राज्य वित्त आयोग अनुदान
  • राष्ट्रीय वनीकरण कार्यक्रम
  • जल जीवन मिशन (पहले राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम)
  • एकीकृत वाटरशेड प्रबंधन कार्यक्रम
  • रूफटॉप सोलर (पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना)
  • सोलर पार्क का विकास

विषय 6

आत्मनिर्भर बुनियादी ढांचे वाली पंचायत

बुनियादी ढाँचा ही गाँव को बनाता है और गाँव के जीवन की दिशा तय करता है। महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत का भविष्य उसके गाँवों में बसता है।

आत्मनिर्भर बुनियादी ढाँचा समुदाय को पानी, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, रोज़गार और आवास जैसी बुनियादी सेवाएँ देता है, और 2030 तक सभी SDG पाने के लिए ज़रूरी है। महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगजनों के अनुकूल भवन और सेवाएँ यह पक्का करती हैं कि कोई भी विकास से छूटे नहीं।

हर पंचायत के लक्ष्य

  1. 1100% वार्डों और मोहल्लों में अच्छी पक्की सड़कें और स्ट्रीट लाइट।
  2. 2100% पात्र परिवारों को आवास।
  3. 3100% घरों में शौचालय हों और उनका उपयोग हो।
  4. 4100% जगहों पर सही जल निकासी।
  5. 5100% घरों को साफ़ पेयजल।
  6. 6100% घरों को पानी और स्वच्छता की सुविधाओं के उपयोग और रखरखाव की जानकारी।
पंचायत क्या सुनिश्चित करे (7)
  • ग्राम पंचायत भवन, आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण और रखरखाव, शौचालय और पेयजल के साथ।
  • बंद और ढकी नालियों वाली सही सीवेज व्यवस्था।
  • उप-स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में तय चिकित्सा सुविधाएँ (बिस्तर, पर्दे आदि)।
  • बस शेल्टर, और बड़े गाँवों व मुख्य सड़कों से सड़क संपर्क।
  • ग्राम पंचायत भवन में कंप्यूटर और इंटरनेट सुविधा।
  • सेवा सर्वे के ज़रिए बुनियादी ढाँचे की ज़रूरत का आकलन।
  • पंचायत की संपत्तियों के प्रबंधन के लिए समुदाय के सदस्यों की समितियाँ बनाना।
पंचायत किन बातों को बढ़ावा दे (4)
  • लड़कियों और लड़कों के लिए खेल के मैदान तक बराबर पहुँच।
  • महिलाओं, पुरुषों और सभी के लिए बराबर खुला सार्वजनिक पुस्तकालय।
  • सामुदायिक भवनों में सबके लिए सुगम पहुँच।
  • स्कूल-कॉलेज जाने वाले बच्चों के लिए सामुदायिक परिवहन।

जुड़े हुए SDG

  • SDG 1
  • SDG 2
  • SDG 4
  • SDG 5
  • SDG 6
  • SDG 9
  • SDG 11

पंचायत स्तर की योजनाएँ और संसाधन

  • VB-G RAM G (पहले मनरेगा)
  • राष्ट्रीय हथकरघा विकास कार्यक्रम
  • प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
  • प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण
  • रूफटॉप सोलर (पीएम सूर्य घर: मुफ़्त बिजली योजना)
  • जल जीवन मिशन
  • केंद्रीय वित्त आयोग अनुदान
  • स्वच्छ भारत मिशन
  • राज्य वित्त आयोग अनुदान
  • श्यामा प्रसाद मुखर्जी रूर्बन मिशन
  • पीएम-कुसुम
  • पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए विशेष त्वरित सड़क विकास कार्यक्रम

विषय 7

सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत

गाँव का हर व्यक्ति सुरक्षित रहे और उसे सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिले। सामाजिक सुरक्षा यह पक्का करती है कि कोई पीछे न छूटे, और संविधान सभी नागरिकों को इसका भरोसा देता है।

इसमें नकद सहायता और ऐसी सेवाएँ शामिल हैं जो लोगों की क्षमता बढ़ाती हैं और उन्हें बेरोज़गारी, बहिष्कार, बीमारी, दिव्यांगता और बुढ़ापे जैसे जोखिमों से बचाती हैं। यह जीवन भर गरीबी से बचाती है और गरीबी को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक जाने से रोकती है।

हर पंचायत के लक्ष्य

  1. 1100% पात्र बच्चों का आंगनवाड़ी में पंजीकरण।
  2. 2आंगनवाड़ी में पंजीकृत 100% गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण आहार।
  3. 3100% पात्र परिवारों के पास राशन कार्ड हो और उन्हें सरकारी राशन दुकान से राशन मिले।
  4. 4100% पात्र लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ।
  5. 5100% बस्तियों में सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता सुविधा।
  6. 6100% पात्र लोगों के आयुष्मान कार्ड।
पंचायत क्या सुनिश्चित करे (6)
  • प्रवासी मज़दूरों के लिए सामाजिक सुरक्षा, ख़ासकर राशन कार्ड।
  • सबसे गरीब परिवारों की पहचान के लिए ग्राम सभा का आयोजन।
  • दिव्यांगजनों के लिए बुनियादी ढाँचा और ज़रूरी सुविधाएँ।
  • ग्राम पंचायत की आपदा प्रबंधन योजना को GPDP में शामिल करना।
  • ग्राम पंचायत के सभी बुनियादी ढाँचे के संचालन और रखरखाव की योजना।
  • सभी पात्र परिवारों की महिलाओं को समूहों से जोड़ना और उन्हें उद्यमिता का प्रशिक्षण देना।
पंचायत क्या आयोजित करे (4)
  • सभी गरीब परिवारों की पहचान के लिए वार्ड स्तर की बैठकें।
  • समुदाय के लोगों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी।
  • गरीब परिवारों को योजनाओं के लिए ज़रूरी दस्तावेज़ बनवाने में मदद।
  • ग्राम सभा में स्वास्थ्य, दवाओं और बीमा के महत्व पर चर्चा।
इन समितियों को मज़बूत करें (7)
  • आपदा प्रबंधन टास्क फ़ोर्स
  • ग्राम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण समिति
  • ग्राम संगठन की उप-समिति
  • ग्राम बाल संरक्षण समिति
  • विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC)
  • ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति (VWSC)
  • अन्य समितियाँ

जुड़े हुए SDG

  • SDG 1
  • SDG 2
  • SDG 5
  • SDG 10
  • SDG 16

पंचायत स्तर की योजनाएँ और संसाधन

  • विधवा, परित्यक्ता, दिव्यांग और बुज़ुर्गों के लिए केंद्र और राज्य की सामाजिक सुरक्षा पेंशन
  • वन स्टॉप सेंटर (सखी)
  • प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन
  • मिशन वात्सल्य (पहले एकीकृत बाल संरक्षण योजना)
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम
  • पोषण अभियान
  • प्रधानमंत्री रोज़गार प्रोत्साहन योजना
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
  • अनुसूचित जाति के लिए कोचिंग और छात्रवृत्ति योजनाएँ
  • पूर्वोत्तर ग्रामीण आजीविका परियोजना
  • SEED: विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजातियों के आर्थिक सशक्तिकरण की योजना
  • VB-G RAM G (पहले मनरेगा)
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
  • चाइल्ड हेल्पलाइन 1098
  • एकीकृत बाल विकास सेवाएँ (ICDS)
  • राष्ट्रीय करियर सेवा
  • समग्र शिक्षा
  • प्रधानमंत्री रोज़गार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) और अन्य ऋण सहायता योजनाएँ
  • अल्पसंख्यक समुदायों के विकास की योजनाएँ
  • 181 महिला हेल्पलाइन
  • अनुसूचित जनजाति के विकास की योजनाएँ

विषय 8

सुशासन वाली पंचायत

सुशासन यह पक्का करता है कि ग्राम पंचायत के हर निवासी को योजनाओं का लाभ और समय पर अच्छी सेवाएँ मिलें। SDG पाना हर स्तर पर सुशासन पर निर्भर है।

सुशासन का मतलब है पारदर्शिता, जवाबदेही, संवेदनशीलता और नागरिकों की पूरी भागीदारी। इसी से पंचायत सबको बुनियादी सेवाएँ देते हुए अपनी सारी ज़िम्मेदारियाँ निभा पाती है।

हर पंचायत के लक्ष्य

  1. 1सभी सदस्यों के साथ ग्राम पंचायत की मासिक बैठक 100% नियमित।
  2. 2पंचायत स्तर की समितियों की मासिक बैठक 100% नियमित।
  3. 3धनराशि और कामों की मुख्य जानकारी दिखाने वाला सार्वजनिक सूचना बोर्ड 100% लगा हो।
  4. 4100% भूमि रिकॉर्ड डिजिटल रूप से अपडेट।
  5. 5नागरिक अधिकार पत्र के अनुसार पंचायत द्वारा 100% सेवाएँ तय समय में।
  6. 6गाँव में 100% अनिवार्य ग्राम सभाओं का आयोजन।
  7. 7बच्चों और महिलाओं के विकास और अवसरों पर उनके साथ विशेष ग्राम सभा, 100% (साल में कम से कम एक बार)।
पंचायत क्या सुनिश्चित करे (12)
  • महिलाओं, कमज़ोर समूहों और सामाजिक रूप से वंचित समुदायों समेत सबकी भागीदारी से ग्राम पंचायत विकास योजना (GPDP) बनाना।
  • ग्राम पंचायत की बैठकों में महिला सदस्यों और समूहों के प्रतिनिधियों की भागीदारी।
  • पंचायत समितियों की बैठकों का सही रिकॉर्ड रखना और उसकी जानकारी देना।
  • VHSNC और SMC जैसे अन्य मंचों की नियमित बैठकें।
  • पंचायत सचिव, रोज़गार सहायक जैसे सभी पंचायत कर्मियों की पंचायत कार्यालय में नियमित उपस्थिति।
  • पंचायत कार्यालय में शिकायत निवारण व्यवस्था।
  • स्थानीय विवाद सुलझाने के लिए समुदाय के सदस्यों की समिति।
  • वंचित समूहों, SHG और युवाओं में केंद्र और राज्य की लाभार्थी योजनाओं के बारे में जागरूकता।
  • स्थानीय लोगों को कार्यालय का समय और ज़रूरी फ़ोन नंबर पता हों।
  • समुदाय के नेतृत्व में तथ्य जुटाना, और ज़रूरी सार्वजनिक सेवाओं पर अग्रिम पंक्ति के कर्मियों और अधिकारियों के साथ संवाद बैठकें।
  • पंचायत स्तर की विभिन्न समितियों की नियमित बैठकें।
  • पंचायत प्रतिनिधियों की पंचायत में काम कर रहे SHG और उनके संघों के साथ मासिक बैठक।

जुड़े हुए SDG

  • SDG 16

पंचायत स्तर की योजनाएँ और संसाधन

  • राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान
  • प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण
  • केंद्रीय वित्त आयोग अनुदान
  • सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS)
  • राज्य वित्त आयोग अनुदान
  • आयुष्मान भारत PM-JAY (पहले RSBY)
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
  • स्वच्छ भारत मिशन
  • VB-G RAM G (पहले मनरेगा)
  • जल जीवन मिशन
  • राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन
  • दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना
  • राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम
  • स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, पशुपालन, बागवानी, आजीविका आदि के कार्यक्रम और राज्य की योजनाएँ

विषय 9

महिला हितैषी पंचायत

गाँव में विकास और ख़ुशहाली पंचायत की ज़िम्मेदारी है, इसलिए लैंगिक समानता बढ़ाना भी उसी की ज़िम्मेदारी है, ताकि कोई महिला या लड़की विकास से छूटे नहीं।

महिला-हितैषी पंचायत महिलाओं और लड़कियों के साथ हर तरह का भेदभाव ख़त्म करती है और राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन में उनकी भागीदारी बढ़ाकर उन्हें सशक्त बनाती है।

यह सम्मानजनक, उत्पादक काम और ऐसे व्यवसायों को बढ़ावा देती है जो महिलाओं को बराबर अवसर दें, और क़ानून के अनुसार समान काम का समान वेतन पक्का करती है।

हर पंचायत के लक्ष्य

  1. 1महिलाओं और लड़कियों के साथ हर तरह के भेदभाव का 100% अंत।
  2. 2बेटी का जन्म: परिवारों को इसे त्योहार की तरह मनाने के लिए प्रेरित करना, और 100% बेटियों के जन्म का पंजीकरण।
  3. 3लड़कियों और महिलाओं के हित में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समितियों (VHSNC) को सक्रिय करना, और 100% विवाह पंजीकरण।
  4. 4सार्वजनिक और निजी जीवन में महिलाओं और लड़कियों के ख़िलाफ़ हर तरह की हिंसा का 100% अंत।
  5. 5ऐसे सुरक्षित गाँव और बस्तियाँ जहाँ महिलाएँ और लड़कियाँ निडर रहें: महिला और किशोरी समूहों से सुरक्षा ऑडिट करवाएँ, और उसमें सामने आए डर के कारण दूर करें, जैसे गलियों और सड़कों पर अँधेरा।
  6. 6सामाजिक संगठनों की मदद से पुरुषों और लड़कों में सकारात्मक पुरुषत्व और लैंगिक समानता के प्रति संवेदनशील व्यवहार को बढ़ावा।
  7. 7स्वयंसेवी संस्थाओं और आंगनवाड़ी केंद्रों के साथ समय-समय पर क़ानूनी जागरूकता शिविर लगाकर महिलाओं और लड़कियों के लिए क़ानूनों और सुरक्षा उपायों की जानकारी बढ़ाना।
  8. 8स्कूली बच्चों के लिए साइबर अपराध और नशे के दुष्प्रभावों पर कार्यक्रम।
  9. 9बाल विवाह, जबरन विवाह, पर्दा प्रथा, दहेज, दलित महिलाओं के ख़िलाफ़ हिंसा और डायन प्रथा जैसी कुप्रथाओं का 100% अंत।
  10. 10लड़कियों और महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना ताकि वे आत्मनिर्भर बनें और रोज़गार पा सकें।
  11. 11लड़कियों की पढ़ाई बीच में छूटने से रोकना: सुरक्षित परिवहन और स्कूल में अलग शौचालय देना, और महिला शिक्षा पर ध्यान देना।
  12. 12बाल विवाह, कम उम्र में विवाह और जबरन विवाह रोकने के लिए हर महीने बाल सभा, महिला सभा, वार्ड सभा और ग्राम सभा रखें, महिलाओं को आने के लिए प्रेरित करें, और इन कुप्रथाओं व उनके नतीजों पर खुलकर चर्चा करें ताकि सब समझें।
  13. 13राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक जीवन में फ़ैसले लेने में महिलाओं और लड़कियों की 100% प्रभावी भागीदारी और बराबर अवसर।
  14. 14पंचायत में चुनी गई महिला प्रतिनिधियों की सक्रिय और प्रभावी भागीदारी, सही प्रशिक्षण, जानकारी, सलाह और सहयोग के साथ।
  15. 15महिला प्रतिनिधियों के पुरुष रिश्तेदारों को उनकी जगह बैठकों में आने या काम करने न दें।
  16. 16सभी पात्र परिवारों की महिलाओं को समूहों से जोड़ें, सभी महिलाओं के जन धन खाते खुलवाएँ, और उन्हें वित्तीय संस्थाओं से जोड़कर स्वरोज़गार दिलाएँ।
  17. 17सभी सक्रिय महिला जॉब कार्ड धारकों को काम, और कार्यस्थल पर सुरक्षा।
पंचायत क्या सुनिश्चित करे (7)
  • स्कूली बच्चों के लिए साइबर अपराध, नशे और उसके दुष्प्रभावों पर कार्यक्रम।
  • स्कूल-कॉलेज जाने वाली लड़कियों के लिए सुरक्षित परिवहन।
  • आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए ग्राम संगठन द्वारा बनाई गई ग्राम गरीबी उन्मूलन योजना को GPDP में शामिल करना।
  • मानव तस्करी और बाल विवाह रोकने के लिए 18 साल से कम उम्र की सभी लड़कियों का पंजीकरण।
  • महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए संस्थानों में क्रेच (शिशु गृह) और यौन उत्पीड़न रोकथाम समिति।
  • पंचायत की सभी वैधानिक समितियों और महिला सभा में महिलाओं की नियमित भागीदारी।
  • पंचायत बैठकों में महिला वार्ड सदस्यों की जगह परिवार के पुरुषों के आने पर पूरी रोक।

जुड़े हुए SDG

  • SDG 1
  • SDG 3
  • SDG 4
  • SDG 5
  • SDG 8

पंचायत स्तर की योजनाएँ और संसाधन

  • VB-G RAM G (पहले मनरेगा)
  • मिशन वात्सल्य (पहले एकीकृत बाल संरक्षण योजना)
  • प्रधानमंत्री महिला शक्ति केंद्र
  • मिशन शक्ति
  • उज्ज्वला योजना और वन स्टॉप सेंटर (सखी)
  • किशोरी शक्ति योजना
  • निर्भया फ़ंड
  • मिशन सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0
  • 181 महिला हेल्पलाइन
  • स्वाधार गृह
  • दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM)
  • प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन
  • ICDS (अम्ब्रेला योजना)
  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ
  • महिलाओं के लिए प्रशिक्षण और रोज़गार सहायता कार्यक्रम (STEP)
  • समग्र शिक्षा
  • माध्यमिक शिक्षा के लिए बालिकाओं को प्रोत्साहन की राष्ट्रीय योजना (NSIGSE)
  • तकनीकी शिक्षा में छात्राओं के लिए AICTE प्रगति छात्रवृत्ति

पंचायती राज मंत्रालय के LSDG विषय संकल्पों पर आधारित। जुड़े हुए SDG मंत्रालय की पंचायत विकास सूचकांक रिपोर्ट से।

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