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ग्राम संसदGram Sansadरैंडम वेरिएबल फ़ाउंडेशन की एक पहल
हमारी पहल

गो रूरल: गाँव के उत्पाद, सही दाम, ज़्यादा आमदनी

गो रूरल ग्राम संसद का ग्रामीण वाणिज्य ब्रांड है। हम सदस्य पंचायतों के किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और कारीगरों को स्थानीय हाट से आगे, दूसरे गाँवों, शहरों और ऑनलाइन खरीदारों तक बेचने में मदद करते हैं।

खेत में एक किसान परिवार
गो रूरल क्या है?

गाँव के लिए बाज़ार का पुल

गाँव बहुत कुछ पैदा करते हैं, पर ज़्यादातर माल पास के बिचौलिये को उसी के दाम पर बिक जाता है। गो रूरल उत्पादकों को साथ लाता है, गुणवत्ता और पैकेजिंग सुधारता है, और उन्हें भरोसेमंद खरीदारों से जोड़ता है, ताकि दाम का बड़ा हिस्सा गाँव में ही रहे।

किसे फ़ायदा

  • उत्पादककिसान, FPO, महिला स्वयं सहायता समूह और कारीगरों को बेहतर दाम, बड़े ऑर्डर और भरोसेमंद खरीदार मिलते हैं।
  • खरीदारव्यापारी, संस्थाएँ और शहर के ग्राहक सीधे गाँव से असली उत्पाद थोक में पाते हैं।
  • पंचायतगाँव में ही ज़्यादा काम और आमदनी, मजबूरी में पलायन कम, और गाँव के बाज़ारों से पंचायत की अपनी आय।
कैसे काम करता है

गाँव की उपज से पक्के बाज़ार तक

  1. 1

    पहचान

    हम हर सदस्य पंचायत की सूची बनाते हैं: क्या बनता है, कौन बनाता है और कितना।

  2. 2

    संगठन

    उत्पादक SHG, FPO या क्लस्टर बनाते हैं; हम गुणवत्ता, ग्रेडिंग, पैकेजिंग और गो रूरल लेबल में मदद करते हैं।

  3. 3

    जुड़ाव

    क्रेता-विक्रेता बैठकें, मेले और प्रदर्शनियाँ, व्यापारियों और संस्थाओं से संपर्क, और सरकारी व ऑनलाइन बाज़ारों पर सूचीबद्ध होने में मदद।

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    विकास

    प्रशिक्षण, ऋण और योजनाओं से जुड़ाव, ताकि उत्पादक बड़े ऑर्डर ले सकें और प्रसंस्करण से मूल्य बढ़ा सकें।

गाँव क्या बेच सकते हैं

  • मोटा अनाज और दालें
  • मसाले और अचार
  • शहद और दूध उत्पाद
  • फल और सब्ज़ियाँ
  • हथकरघा और कपड़ा
  • हस्तशिल्प और मिट्टी के बर्तन
  • जैविक उपज
  • SHG के बने उत्पाद
हमारा तरीका

ग्रामीण बाज़ार बनाने के सात रास्ते

  1. 01

    बाज़ार का बुनियादी ढांचा

    उत्पादन इकाइयाँ, गोदाम और भंडारण, पैकेजिंग इकाइयाँ और बाज़ार सामान की उपलब्धता और गुणवत्ता बढ़ाते हैं। इससे बर्बादी घटती है, लागत कम होती है और ज़्यादा खरीदार-विक्रेता आते हैं।

  2. 02

    जानकारी साझा करना

    मोबाइल फ़ोन, रेडियो, सामुदायिक सूचना पट्ट और स्थानीय सूचना केंद्रों के ज़रिए दाम, बाज़ार के रुझान, माँग-आपूर्ति और खेती के अच्छे तरीकों की जानकारी।

  3. 03

    सामूहिक विपणन

    अलग-अलग गाँवों के किसान और उत्पादक सहकारी समिति या संघ बनाकर बेहतर मोलभाव करते हैं और साथ मिलकर बेचते हैं: साझा ब्रांड, थोक बिक्री और तालमेल वाली आपूर्ति।

  4. 04

    मूल्य शृंखला विकास

    छोटे उत्पादकों के लिए प्रशिक्षण, ऋण और तकनीकी मदद, कच्चे माल और तकनीक तक पहुँच, और प्रसंस्करण व पैकेजिंग जैसे मूल्य संवर्धन।

  5. 05

    बाज़ार तक पहुँच

    नियमित मेले, व्यापार प्रदर्शनियाँ और क्रेता-विक्रेता बैठकें, और गाँव के बाज़ारों को क्षेत्रीय व शहरी आपूर्ति शृंखलाओं से जोड़ना।

  6. 06

    वित्तीय सेवाएँ

    सूक्ष्म ऋण, बचत और बीमा तक पहुँच, ताकि किसान अपने काम में निवेश कर सकें और मुश्किल समय में सुरक्षा रहे।

  7. 07

    नीतिगत सहयोग

    सहायक सरकारी नीतियाँ, बुनियादी ढांचा और लक्षित प्रयास, जो बाज़ारों को जोड़ें और व्यापार की रुकावटें हटाएँ।

अपनी पंचायत के उत्पाद गो रूरल में जोड़ना चाहते हैं?

सदस्य पंचायतें अपने उत्पादकों, SHG और FPO का नाम भेज सकती हैं। बताइए आपका गाँव क्या बनाता है, हम आपसे संपर्क करेंगे।

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